जरूरत की खबर- नेस्ले के बेबी फॉर्मूला में टॉक्सिन्स: कहीं ये आपके शिशु को बीमार न कर दे, खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें

नेस्ले के बेबी फॉर्मूला में टॉक्सिन्स: कहीं ये आपके शिशु को बीमार न कर दे, खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें।

नेस्ले जैसी प्रसिद्ध फूड ब्रांड ने हाल ही में अपने फॉर्मूला मिल्क के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से वापस लिया है, क्योंकि उनमें एक दुर्लभ टॉक्सिन सेरुलाइड होने की आशंका जताई गई थी।

इस बीच, हमने अपने शोध में पाया कि फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय लेबल पर देखना बहुत जरूरी है। इसमें इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच करना चाहिए, जिसमें ध्यान देना चाहिए कि कार्बोहाइड्रेट के लिए लैक्टोज, प्रोटीन के लिए व्हे या केसिन, और दिमाग व आंखों के विकास के लिए DHA/ARA लिखा हो।

इसके अलावा, फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और सील ठीक से बंद होने की जांच करना चाहिए। अगर डिब्बा फूला हुआ हो, सील टूटी हो या पाउडर की गंध अजीब लगे, तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें।

इसके अलावा, फॉर्मूला मिल्क देने से पहले पेरेंट्स को हाथ साबुन से धोना चाहिए, बोतल उबालना चाहिए और फॉर्मूला उबले पानी से बनाएं। पैकेट पर लिखे निर्देशों का सख्ती से पालन करना भी जरूरी है।

इसके अलावा, नवजात शिशुओं को देखकर हर कोई उन्हें प्यार से चूमना चाहता है, लेकिन यह जेस्चर बच्चे की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, हम आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि हम अपने शिशु को सुरक्षित और स्वस्थ बनाए रख सकें।
 
नेस्ले जैसी बड़ी ब्रांडें निकलने के लिए भारी आघात हो रहा है 🤕, खासकर माँ-बापों के लिए। फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अगर बोतल अच्छी तरह से बंद नहीं है, तो पाउडर का गंध अजीब हो सकता है और खाने से पहले उसे उबालना चाहिए। और मुझे लगता है कि इन निर्देशों को पढ़ने से पहले ही डिब्बे को बंद कर देना चाहिए, ताकि बच्चे को खाने की जगह नहीं मिले। 🤔
 
मैंने अभी तो भारत में फॉर्मूला मिल्क की बातें सुनी हैं, लेकिन अब यह तो वैश्विक स्तर पर हो गई है! नेस्ले जैसी प्रसिद्ध ब्रांडें खुद अपने उत्पादों को वापस ले लेना पड़ गए, और फिर भी हमारी माँ देश के बच्चों को सुरक्षित रख रहे हैं 🙏। तो अगर आपको अपना बेबी फॉर्मूला खरीदना है, तो पहले ध्यान रखें कि लेबल पर इंग्रीडिएंट्स की जांच करें, और एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, और सील की जांच करें। अगर सब ठीक नहीं है तो घर से इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह आपके बच्चे को भी जरूर बीमार कर देगा! 💉
 
बच्चों की देखभाल में हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय लेबल पर ध्यान देना जरूरी है, जैसे कि इंग्रीडिएंट्स और निर्देशों की जांच करना। सेरुलाइड टॉक्सिन्स की बात हो रही है, तो हमें अपने बच्चों की सेहत के लिए हर चीज़ पर ध्यान रखना होगा।

आजकल प्रसिद्ध ब्रांड्स की गुणवत्ता की जांच करना भी जरूरी है। और सबसे महत्वपूर्ण बात, नवजात शिशुओं को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हमें अपने बच्चों की देखभाल में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
 
बच्चों की सेहत सबसे जरूरी, तो फॉर्मूला मिल्क खरीदने से पहले यह बातें ध्यान में रखनी चाहिए 🤗 #बच्चोंकीसेहतपरखर #फॉरमूलामिल्कसुरक्षित #गर्भवतीन्सहमती

अगर डिब्बा फूला हुआ हो या सील टूट गया हो, तो इसे तुरंत खारिज कर दें और दूसरा चुनें #फॉरमूलामिल्कसुरक्षित #डिब्बाबज़ारना

पेरेंट्स को अपने बच्चों की सेहत पर ध्यान रखना चाहिए, इसलिए हाथ साबुन से धोना, बोतल उबालना और फॉर्मूला बनाना जरूरी है #बच्चोंकीसेहतपरखर #पेरेंट्सदयाल

नवजात शिशुओं को चूमने से पहले ध्यान रखना चाहिए, लेकिन प्यार से नहीं, यह जेस्चर खतरनाक हो सकता है #बच्चोंकीसेहतपरखर #जेस्चरसुरक्षित
 
मेरे दोस्तों की बात तो यह है... नेस्ले जैसी ब्रांड्स के फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। पहले लेबल पर देखना जरूरी है कि इंग्रीडिएंट्स की जांच किया गया है और यह सही है। फिर एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और सील ठीक से बंद होना चाहिए... अगर नहीं तो खरीदने में देर कर लें।

मैं भी अपने बच्चे को दिया करता था फॉर्मूला मिल्क... लेकिन अब इसकी गुणवत्ता से परवाह करना जरूरी है। अगर डिब्बा फूला हुआ है तो फिर उसका इस्तेमाल न करें। और पैकेट पर निर्देशों का ध्यान से पालन करें।

और जेस्चर की बात... नवजात शिशुओं को चूमना खतरनाक हो सकता है। इसलिए, हमें उनकी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। 🤒🚿
 
देखो, अगर नेस्ले जैसी ब्रांड्स फॉर्मूला मिल्क में टॉक्सिन्स है तो कहीं यह आपके बच्चे को बीमार नहीं कर देगी, ठीक है? तो खरीदने से पहले जरूर ध्यान रखें, लेबल पर इंग्रीडिएंट्स चेक कर लेना बहुत जरूरी है... 💡

मुझे लगता है कि अगर मिल्क फॉर्मूला खरीदते समय हमें पता होना चाहिए कि कार्बोहाइड्रेट के लिए लैक्टोज, प्रोटीन के लिए व्हे या केसिन नाम सुनाई देते हैं... और DHA/ARA जैसे लैबेल्स पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो यह बच्चे की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है... 🤕

मैं आपको बताता हूँ, अगर डिब्बे फूले हुए हैं या सील टूट गए हैं तो उसे बिल्कुल नहीं खाएं, और पेरेंट्स को हाथ साबुन से धोना चाहिए, बोतल उबालकर फॉर्मूला बनाएं... और पैकेट पर लिखे निर्देशों का बहुत सख्ती से पालन करना जरूरी है! 🚨
 
🤕 नेस्ले जैसी ब्रांड्स से फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय ध्यान रखना जरूरी, खासकर बच्चों को देने से। पैकेट पर लेबल पढ़ें और इंग्रीडिएंट्स की जांच करें, खासकर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैटी एसिड। बोतल की गुणवत्ता भी जरूर देखें 🤢
 
अगर फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय लेबल पर देखना नहीं होता, तो कई बार बच्चे बीमार हो जाते। मेरी बहन का भी बच्चा ऐसा हुआ था, उसके पेट से दर्द होता रहा और रोने में रुक न सका। शायद अगर लेबल पर देखा गया होता, तो वह बीमार नहीं होता।
 
🚨 माता-पिता, नेस्ले जैसी प्रसिद्ध फूड ब्रांड्स की बेबी फॉर्मूला में टॉक्सिन्स होने की आशंका सुनकर यकीन नहीं था। लेकिन हमने देखा है कि ग्लोबल मार्केट से वापस लेने से पहले, इन उत्पादों में सेरुलाइड टॉक्सिन्स होने की संभावना 1.5% से 3.6% तक थी। 🤯

चाहे आप नेस्ले या नहीं, फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय लेबल पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसमें इंग्रीडिएंट्स की जांच करना चाहिए, जैसे कि कार्बोहाइड्रेट के लिए लैक्टोज और प्रोटीन के लिए व्हे या केसिन। इसके अलावा, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और सील ठीक से बंद होने की जांच करनी चाहिए।

📊 आंकड़ों पर नजर डालते हुए, हमें यह पता चलता है कि हर दिन 15 मिलियन से अधिक गर्भवती महिलाएं ग्लोबल मार्केट में फॉर्मूला मिल्क खरीदती हैं। अगर इन उत्पादों में टॉक्सिन्स होते हैं, तो इससे बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। 🚨

इसलिए, हम पेरेंट्स को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं और अपने शिशुओं की सेहत के लिए सुरक्षित विकल्पों का चयन करना चाहिए। 🤞
 
यह बहुत जरूरी है कि आपने फॉर्मूला मिल्क खरीदने से पहले अच्छी तरह से देखा जाए 🤔। टॉक्सिन्स सेरुलाइड के बारे में होने की आशंका के बाद, मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए और भी सावधान रहना चाहिए। फॉर्मूला मिल्क खरीदने के समय लेबल पर देखना बहुत जरूरी है, विशेष रूप से इंग्रीडिएंट्स और निर्देशों को देखना। इससे हमें पता चल सकता है कि क्या यह आपके बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त है।
 
बिल्कुल सच, मेरी बहन के दूधपीने वाले बच्चे ने टॉक्सिन्स होने की बात तो सुनकर भी चौंका दिया 🤯। मैंने खुद अपने घर पर फॉर्मूला बनाकर दिया था, वही अच्छा लगता है, खासकर जब आपके पास समय और शौक होते हैं। लेबल पर देखना बहुत जरूरी है क्योंकि इसमें इंग्रीडिएंट्स की जांच करना चाहिए। और एक बात तो सुनिश्चित कर लेनी चाहिए कि पैकेट ठीक से सील हुआ हो। मैंने अपने बच्चे को भी हमेशा दूध बनाकर दिया, वही अच्छा लगता था।
 
माफ़ करें, लेकिन यह फॉर्मूला मिल्क ब्रांड्स की जानकारी देने वाली प्लेटफ़ॉर्म पर बहुत ही खराब है 🤦‍♂️। पहले तो टॉक्सिन्स की खबर आती है, फिर हमें बताना पड़ता है कि इसके लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। इस तरह की जानकारी देने वाली प्लेटफ़ॉर्म पर और भी ऐसी गड़बड़ी देखने को मिलती है, जैसे कि लेबल पर निर्देशों की पढ़ना क्यों नहीं बताया गया? 🙄
 
जैसे जैसे हमारे देश में फॉर्मूला मिल्क की खपत बढ़ रही है, वैसे वैसे हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि इसमें सेरुलाइड नाम का टॉक्सिन हो सकता है। मैंने अपने बच्चे को ऐसे फॉर्मूला मिल्क देने से पहले बिल्कुल सावधानी से पूरी जांच करनी चाहिए। मेरी राय में यह जरूरी है कि हम फॉर्मूला मिल्क खरीदते समय लेबल पर नज़र रखना चाहिए और यह देखकर चिंतित होना चाहिए कि इसमें सावधानी से इंग्रीडिएंट्स दिखाई गए हैं।
 
बेटा, ये दुनिया में जानलेवा खिलौनों की ब्रांड हैं जो बच्चों को बीमार कर सकते हैं लेकिन इन्हीं ब्रांड्स से बनी आहार पाउडर खरीदते समय हमें बहुत सावधान रहना चाहिए। मैंने अपने खाली पड़े दिनों में बच्चों को देखा है तो वे सब अच्छे-अच्छे, खुश-खुश रहते हैं, लेकिन माँ-पapa के साथ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे पहले आहार पाउडर की बोतल का ध्यान रखें, अगर सील टूट गया या डिब्बा फूला हो तो उसे कभी नहीं खिलाएं, न ही गर्म करके खिलाएं, न ही ठंडाकर खिलाएं।
 
वाह मुन्नी, नेस्ले की तरह ही कई फूड ब्रांड जैसे पैडमैन, हेलीकास्ट, आदि भी शिशु मिल्क को साबित करना चाहते थे। लेकिन अब तो उन्हें अपने टॉक्सिन्स को दूर करना पड़ रहा है। और फिर हम तो याद कर जाते हैं कि दीवानी भाई दिवानी, इस बार भी नेस्ले से ऐसा ही हुआ।
 
बिल्कुल सही कहा, अगर खरीदने से पहले देख लेते हैं तो बिल्कुल फायदा होगा। मेरी भी बच्ची है और मुझे पता था कि खान-पान से बहुत ध्यान रखना जरूरी है, चाहे वह घरेलू या बाहर का हो। अगर पैकेट पर देख लेते हैं तो पहले की तरह निर्देशों का पालन करना फायदेमंद होता।
 
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