‘जमात जीते या BNP, डर से हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे’: मंदिरों पर हमले, मर्डर से घबराहट, BNP को वोट दे सकते हैं हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन

बांग्लादेश में होने वाले चुनाव की बात करते हुए ढाका के रहने वालों ने बताया कि देश की सरकार अवामी लीग को पनाह देने की कोशिश कर रही है, जिससे रिश्ते अच्छे नहीं होंगे।
 
मुझे लगता है कि यह तो एक बड़ा संकेत है कि हमें अपने आसपास के लोगों की मुसीबतों को समझना है। जब दूसरे देश में सरकार कुछ ऐसा करने पर गंभीर नहीं होती, तो यह हमें विचलित करता है कि हम अपने घर में भी ऐसा क्या कर रहे हैं? चुनावों में सीधेपनाही राजनीति करने से किसी को भी अपना मकसद नहीं मिलता। लेकिन जब सरकार कुछ ऐसा कर रही है, तो यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा देश भी ऐसा ही रास्ता अपना रहा है।
 
मुझे बात करने में आनंद आता है! 🤗 ढाका से आए लोगों को लगता है कि सरकार अवामी लीग पर बहुत ज्यादा नजदीकियां बनाने की कोशिश कर रही है। यह तो बिल्कुल सही नहीं है, मेरा विचार है कि चुनावों की बात करने से पहले दोनों पक्षों को अपने-अपने दृष्टिकोण पर बोलने का मौका मिलना चाहिए। सरकार को यह तय करना चाहिए कि वो कैसे चुनावों में शामिल होती है, और अवामी लीग भी। अगर दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से बोलते हैं, तो फिर देश की जनता अपने नेताओं को अच्छे से समझ पाएगी। मुझे लगता है कि सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि वो क्यों बनाई गई है, और उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है देश के लोगों की संतुष्टि। 🙏
 
बांग्लादेश में चुनाव होने पर न तो हमें मुश्किल होगी, लेकिन यह देखकर भारतीय भला क्या करेगा? 😊 ढाका की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अवामी लीग को पनाह देने की कोशिश कर रही है, तो यह सच में चिंताजनक स्थिति है। अगर हम अपने पड़ोसी देश में ऐसा करने देते हैं तो क्या हम अपने रिश्तों को अच्छा नहीं रख पाएंगे। मुझे लगता है कि यह सरकार ने कुछ गलत धारणा बनाई हुई है, और हमें उनकी इस हरकत पर सावधान रहना चाहिए। इससे न तो हम अपने रिश्तों को बढ़ावा दे पाएंगे, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों में भी समस्या आ सकती है।
 
चुनाव की बात करते समय देश की सरकार दोहरी नीति अपना सकती है तो यार, यह बिल्कुल सही है। अगर अवामी लीग को पनाह दिया जाए तो यह दिखेगा कि सरकार चुनावों में पक्षपात नहीं कर रही है, लेकिन अगर ऐसा करने से रिश्ते अच्छे न होंगे, तो इससे बहुत बड़ा नुकसान होगा। चुनावों में सबको समान अवसर देना चाहिए, खैर मुझे लगता है कि सरकार अपनी नीतियों में संतुलन बनाए रखे। हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि चुनावों में सभी पार्टियों को समान अवसर मिलेगा।
 
बात बांग्लादेश में हो रहा है तो मुझे लगता है कि सरकार अवामी लीग को पनाह देने की कोशिश कर रही है, फिर भी चुनाव अच्छे-खराब होंगे। मैं सोचता हूँ कि अगर सरकार उन्हें पनाह नहीं देती तो अच्छा, खासकर जब बात चुनाव की हो। लेकिन अगर सरकार उन्हें पनाह दे रही है तो भी अच्छा, फिर कुछ अच्छा नहीं होगा। मैं सोचता हूँ कि चुनाव का परिणाम जो निकलेगा वो कुछ अच्छा और कुछ बुरा ही होगा।

मुझे लगता है कि अगर अवामी लीग के नेता देश के नागरिकों के सामने अपने विचार रखने की जगह पनाह मांगते रहें तो अच्छा, फिर भी उन्हें अपने विचार देने का मौका मिलेगा। लेकिन अगर सरकार उन्हें पनाह देती है तो जैसे ही वे अपने विचार रखने की जगह पनाह मांगते हैं उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

मुझे लगता है कि चुनाव का परिणाम देश के नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, तो सरकार को सिर्फ और सिर्फ उन्हें अपने हित में रखना नहीं चाहिए।
 
अरे, यह बात तो बहुत गंभीर है! ढाका से आते लोग कहते हैं कि सरकार अवामी लीग को पनाह देने की कोशिश कर रही है। तो यह मतलब है कि सरकार मुसलमानों के लिए फायदा करने की कोशिश कर रही है? और इससे हमारे रिश्ते अच्छे नहीं होंगे। यह बहुत बड़ा मुद्दा है, मेरी राय में तो हमें इन चुनावों में भाग लेना चाहिए ताकि हम अपनी आवाज़ सुनाई दे सकें। लेकिन सरकार की यह कोशिश करने पर मुझे लगता है कि यह एक बड़ा राजनीतिक खेल हो सकता है।
 
बात बात, यह तो बहुत मुश्किल स्थिति है 🤔, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर है। अगर सरकार वामी लीग को पनाह देने की कोशिश कर रही है, तो यह बात बात निकाल सकते हैं कि वे सच्चाई को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। 🙅‍♂️ और अगर अच्छे रिश्ते बनाने की बात सुनी जा रही है, तो यह तो एक अच्छा मौका है अपने देश में दूसरों के साथ खुलकर बात करने का। 💬

और देखें, बांग्लादेश में चुनाव होना तो एक नया शुरुआत है, जैसे कि नई पत्थर पर बनी दीवार 🌆। यह समय निकलने का समय है अपने देश में बदलाव लाने का। अगर सब लोग एकजुट होकर बात करें, तो कोई भी मुश्किल हल्की कर सकती है। 💪
 
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