प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी का तंज: क्या सवालों से इतनी घबराहट हुई?
राज्यसभा में पीएम मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर उन पर तंज कसा है। राहुल गांधी ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष की किताब के अंश के सहारे निशाना साधा।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि बस सवालों से इतनी घबराहट? उन्होंने कहा कि मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे कि झूठ की शरण ले ली। खैर, जो उचित समझो, वही किया।
इस दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष एम.एम. नरवणे की कथित अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देते हुए दावा किया था कि 2020 के भारत-चीन संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जिम्मेदारी से खुद को अलग कर लिया था।
इसके बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी का कड़ा संदेश देते हुए कहा, "राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। यह राष्ट्रपति पद का अपमान है। ऐसे लोगों को संविधान पर बोलने का अधिकार नहीं है।
लेकिन इससे पहले, पीएम मोदी ने लोकसभा में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा, "असम से सांसद दिलीप सैकिया और बाद में आंध्र प्रदेश के दलित परिवार से आने वाले सांसद कृष्णा प्रसाद तेनेटी आसन पर बैठे थे, लेकिन उनके ऊपर कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर और दलित समाज का अपमान नहीं है?"
राज्यसभा में पीएम मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर उन पर तंज कसा है। राहुल गांधी ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष की किताब के अंश के सहारे निशाना साधा।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि बस सवालों से इतनी घबराहट? उन्होंने कहा कि मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे कि झूठ की शरण ले ली। खैर, जो उचित समझो, वही किया।
इस दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थल सेनाध्यक्ष एम.एम. नरवणे की कथित अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देते हुए दावा किया था कि 2020 के भारत-चीन संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जिम्मेदारी से खुद को अलग कर लिया था।
इसके बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी का कड़ा संदेश देते हुए कहा, "राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। यह राष्ट्रपति पद का अपमान है। ऐसे लोगों को संविधान पर बोलने का अधिकार नहीं है।
लेकिन इससे पहले, पीएम मोदी ने लोकसभा में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा, "असम से सांसद दिलीप सैकिया और बाद में आंध्र प्रदेश के दलित परिवार से आने वाले सांसद कृष्णा प्रसाद तेनेटी आसन पर बैठे थे, लेकिन उनके ऊपर कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर और दलित समाज का अपमान नहीं है?"