बांग्लादेश में शीतल निमित्त पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने से 18 महीने बीत गए, अब चुनाव का समय आ गया है। 12 फरवरी को मतदान होगा, जिसमें चुनाव के दौरान हिंदुओं पर लगातार हमलों और भारत विरोधी भावनाओं का साया है।
इस चुनाव में, इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश के ग्राउंड जीरो ने अपनी विशेषता बनाए रखी है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हालात बहुत गरीब और सियासत के अहम किरदार जैसे कि प्रधान मंत्री, उप-राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य अपने दृष्टिकोण के अनुसार खुद को बनाएंगे।
इस चुनाव को देखने वाले हमें उम्मीद है कि यह चुनाव बांग्लादेश के भविष्य की राहें तय करेगा।
इस चुनाव में, इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश के ग्राउंड जीरो ने अपनी विशेषता बनाए रखी है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हालात बहुत गरीब और सियासत के अहम किरदार जैसे कि प्रधान मंत्री, उप-राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य अपने दृष्टिकोण के अनुसार खुद को बनाएंगे।
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