‘बजरंग दल से डरा परिवार, बेटी का स्कूल छूटा’: मुस्लिम दुकानदार का सपोर्ट करने वाले ‘मोहम्मद’ दीपक का जिम बंद, बजरंग दल बोला- टारगेट पर हो

उत्तराखंड के कोटद्वार में एक स्कूल ड्रेस नाम की दुकान पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को हुए विरोध के बाद दुकान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए कई लोगों को धमकी देने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।
 
मैं इस तरह की घटनाओं से बहुत गुस्सा हुआ, ये कैसे हो सकता है कि हमारे बच्चों की पढ़ाई में खेलने के लिए तैयार करने वाली दुकान पर ऐसा आरोप लग जाए। क्या इतने बड़े नेतृत्व के साथ भी ऐसा हो सकता है? कोटद्वार में कोई शांति नहीं थी, यहां किसी को भी अपना विचार व्यक्त करने देना चाहिए।
 
मुझे इस न्यूज़ से बहुत दुख हुआ 🤕. मेरे अनुसार यह बहुत ही गड़बड़ है। कोई भी विरोध या मनचाही राय व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन जब किसी को धमकी देने और उत्पीड़न करने का आरोप लगने से तो कुछ ज़रूरी नहीं है। हमें अपने नागरिक अधिकारों का संदेश बनाए रखना चाहिए, लेकिन इससे भी यह बात ध्यान में रखी जानी चाहिए कि हम अपने आप को किसी भी तरह के आरोप में नहीं डालें।
 
किसी भी तरह की धमकी या उत्पीड़न की बात करें तो बहुत गंभीर है मानिए विरोध के बाद दुकान के स्वामी ने सारी चीजों को ठीक कर लिया है और फिर भी ऐसा नहीं हुआ तो पुलिस पर सवाल उठना चाहिए, क्योंकि पुलिस का एकदम से प्रभावी होना जरूरी है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा मामला है जिसमें किसी भी तरह से लोगों को धमकी देने और उत्पीड़न करने की बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन जब हम बोलते हैं तो ऐसे मामलों को जरूर समझना होता है।

क्योंकि यह घटना विरोध प्रदर्शन के बाद हुई, तो मुझे लगता है कि दुकान से जुड़े लोगों ने अपनी चिंताओं और समस्याओं को समझने के लिए बाजार में आ गए थे।

लेकिन जब हम देखें तो ऐसे कई लोग इस मामले में शामिल हुए जिन्होंने लोगों को धमकी दी और उत्पीड़ितों पर फिर से शिकायत लगाई।

मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में जरूरी होता है कि पुलिस को जल्द से जल्द जांच कराएं और ऐसे लोगों को जिम्मेदार ठहराकर सजा देनी चाहिए।
 
ਕੋਈ ਵੀ ਜੰਗੀ ਕਦਮ ਨਹੀਂ ਪੁੱਟਣਾ चਾਹੀਏ, ਬਲਕਿ ਸਿਰਫ਼ ਸੋਚਦੇ ਰਹਿਣਾ। 26 जनवरी कੋਈ ਵੀ ਡਰ ਨਹੀਂ ਪੈਣਾ ਚਾਹੀਏ, ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਬਣਨ ਵਾਲੇ ਕਿਸੇ ਭੀ ਪ੍ਰਸੰਗ ਤੋਂ ਬਚ ਜਾਏ।
 
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