‘बजरंग दल से डरा परिवार, बेटी का स्कूल छूटा’: मुस्लिम दुकानदार का सपोर्ट करने वाले ‘मोहम्मद’ दीपक का जिम बंद, बजरंग दल बोला- टारगेट पर हो

उत्तराखंड के कोटद्वार में रहने वाले जिम ट्रेनर दीपक कुमार एक हफ्ते से खौफ में जी रहे हैं। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक बुजुर्ग दुकानदार के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए थे।

दीपक कुमार कहते हैं, ‘उस घटना के बाद से परिवार घबराया हुआ है। डर तो है ही। सबसे पहले परिवार ही डरता है। बेटी LKG में पढ़ती है, वो स्कूल नहीं जा पा रही। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। जिम भी नहीं चल रहा है। घर में मां और पत्नी हैं। काम तो करना ही पड़ेगा, लेकिन हालात ठीक नहीं हैं।’

दीपक कुमार कहते हैं, ‘मैंने कोई गलत काम तो किया नहीं है, इसलिए लोग सपोर्ट कर रहे हैं। बाजार और जिम से जुड़े लोग भी साथ खड़े हैं।’

बजरंग दल ने इस मामले में दावा करते हैं कि दीपक कुमार ने पहले ही हमारे कार्यकर्ताओं को बदसलूकी की।
 
😔 यह घटना तो बहुत ही गंभीर है। जिम ट्रेनर की बेटी भी स्कूल नहीं जा पा रही, उसकी तबीयत ठीक नहीं है, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मैं समझता हूँ कि दीपक कुमार ने कुछ गलत तो नहीं किया, लेकिन ऐसी घटनाएं हमें गहराई से प्रभावित करती हैं। जिस परिवार को यह घटना हुई, उसके लिए सबसे पहले डर और चिंता होती है। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस मामले का न्यायिक सुनवाई जल्दी होगी। 🙏
 
वाह, यह तो दिलचस्प है! 🤯 तो जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने बुजुर्ग दुकानदार से मुलाकात करी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ भिड़ गए। लेकिन यह तो सच नहीं है कि उन्होंने पहले से ही कोई गलत काम किया था। पुलिस वालों ने तो पकड़ने में कहीं मुश्किल नहीं हुई। 😂
 
मुझे यह वीडियो देखकर जान कर झुनझुनी हुई 😱। एक बुजुर्ग दुकानदार से भिड़ेने के लिए मैं जानता था कि अगर डीपक कुमार की तबीयत ठीक नहीं है तो वो कुछ गलत कर रहे होंगे। लेकिन मुझे लगता है कि मामला और जटिल है।

मेरा ये विचार है कि डीपक कुमार की बेटी की पढ़ाई ज़रूरी है, और वह स्कूल नहीं जा पा रही तो क्या करें? उसकी माँ और पत्नी उसका साथ देने के लिए यहां हैं।

और बजरंग दल के दावों पर मुझे लगता है कि वो झूठे है। अगर डीपक कुमार ने पहले ही उनके कार्यकर्ताओं को बदसलूकी की तो फिर भी लोग उसका समर्थन कर रहे हैं? यहाँ जिम और बाजार से जुड़े लोग भी उसके साथ खड़े हैं।

मुझे लगता है कि हमें इस मामले को ध्यान से देखना चाहिए। पूरी कहानी तो जटिल है।
 
मित्र 🤔, यह सब तो बहुत ही अजीब है। अगर दीपक कुमार ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से माली बुजुर्ग के लिए लड़ाई लड़ी थी, तो शायद उसने गलती नहीं की। पुलिस भी चालू हुई है, यह तो अच्छा है कि जिम और बाजार में चलने वाले लोग साथ दे रहे हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि अगर कोई आपको बदसलूकी कर रहा था, तो पुलिस चालू होना सबसे अच्छा तरीका नहीं है। शायद यह भी सच्चाई है कि दीपक कुमार ने पहले से ही कुछ गलत किया हो।
 
मुझे लगता है कि यह घटना बहुत गंभीर है, मैं भी जिम ट्रेनर्स से जानता हूँ, वह अच्छे लोग होते हैं... 🤔 कभी ऐसी चीजें नहीं देखे होंगे। दीपक कुमार को किसी और काम की जरूरत नहीं है, वह एक अच्छा मेहनती व्यक्ति है।
 
😕 यह तो बहुत दुखद है कि किसी भी समस्या के लिए बजरंग दल के नाम पर चप्पल फोड़े जाते हैं और लोग डर जाते हैं। 🤔 मुझे लगता है कि दीपक कुमार ने गलत स्थिति में किया हो सकता है, लेकिन यह तो किसी भी तरह से इस्तेमाल किए जाने वाले कानून के माध्यम से नहीं होना चाहिए। 🚫

मुझे लगता है कि समाज में शांति और समझदारी को बढ़ावा देने की जरूरत है। जब कोई समस्या होती है, तो हमें सोच-समझकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए, न कि डर और भय का खेल खेलना। 💡
 
🤕 दीपक कुमार जी की बात सुनने पर मुझे बहुत खेद होती है। उन्हें डर का अनुभव करना और अपने परिवार को इस स्थिति में रखना तो बहुत मुश्किल है। यह अच्छी नहीं है कि दूसरों ने उनके खिलाफ बाजार और जिम से जुड़े लोगों को भी किया हो। यह एक बड़ा चोट है, खासकर जब उन्हें अपने परिवार के लिए काम करना होता है। मैं उनसे सहानुभूति करने की कोशिश करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।
 
मेरा फ्रेंड तो, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति को अपने परिवार की सुरक्षा के लिए डरना पड़ रहा हो। जिम ट्रेनर के रूप में, वह एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में हमारी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों की जांच करना जरूरी है, लेकिन मुझे लगता है कि लोगों ने इस मामले में अपना समर्थन दिखाया है। हम सभी एक दूसरे की मदद करना चाहिए, खासकर जब किसी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो।
 
दीपक कुमार की कहानी बहुत गंभीर है 🤕। मुझे लगता है कि समाज में गलतफहमी और भय होना बिल्कुल उचित नहीं है। लोगों को अपने बीच की समस्याओं पर सोचना चाहिए, न कि दूसरों के खिलाफ आरोप लगाना। 🤔

मुझे लगता है कि जिम ट्रेनर को सम्मान मिलना चाहिए और वह अपने अधिकार की बात कह रहा है। लेकिन इस मामले में बहुत बड़ी गलती हुई है, यह तो साफ है 🚫। लेकिन इसके लिए हमें दूसरों पर आरोप लगाने की बजाय, उन्हें समझने और सहायता करने की जरूरत है। 🤝
 
वाह, यह वीडियो देखने के बाद तो मुझे लगता है कि कुछ गलत हुआ है। जिम ट्रेनर ने वास्तव में ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश नहीं की, और लोग उसे भी गलत समझ रहे हैं। मैं देख सकता हूँ कि वह वीडियो में बुजुर्ग दुकानदार के साथ मुश्किल हुई थी, लेकिन यह तो एक छोटी सी समस्या थी।

मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दीपक कुमार के परिवार को डर लगना चाहिए, लेकिन यह तो उसकी गलती नहीं है। बाजार और जिम से जुड़े लोग भी उसे सपोर्ट कर रहे हैं, जो अच्छी बात है।
 
जिम ट्रेनर दीपक कुमार की स्थिति चिंताजनक है 🤔। उसका वीडियो वायरल होने पर सबकुछ खराब हो गया 🚨। लोगों का सहानुभूति करने के बजाय डर-धमकी का रास्ता चुनना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है 😔। बजरंग दल ने भी इस मामले में दावा करते हैं कि दीपक कुमार ने पहले ही उनके कार्यकर्ताओं को बदसलूकी की, लेकिन इसका सही अर्थ और सबूत नहीं पता चलता 🤷‍♂️। मुझे लगता है कि स्थिति को देखकर और समझने पर, हमें दीपक कुमार की मदद करनी चाहिए और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने का सहयोग करना चाहिए 💪
 
मेरे भाई, यह तो बहुत दुखद स्थिति है। जैसे ही मुझे इस बात की खबर मिली, तभी मैंने अपना एक विचार बनवाया। लोगों को जब भी ऐसा कुछ देखने को मिलता है, तो वही खौफ में जाने लगते हैं। और फिर लोग उनसे बातचीत करने से दूर रह जाते हैं।

मुझे लगता है कि दीपक कुमार ने शायद गलत समझावा कर लिया, लेकिन यही नहीं हो सकता। उसके परिवार में तो क्या गलत हुआ? और जब से उस वीडियो बनाया गया था, तब से वह एकदम बदल गया है।

हमें अपने आसपास के लोगों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाएं तो हमारी समाज में अच्छे परिणाम नहीं देती। हमें सोचते हुए अपने आसपास के वातावरण में शांति और समझदारी को बढ़ावा देना चाहिए। 🤝💆‍♂️
 
😔 यह बात तो बहुत ज्यादा दुखद है... क्यों होता है कि लोग अपने आप को इतना डरा देते हैं कि वो अपने परिवार की जरूरतों को भूल जाते हैं। मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक हालात है, और अगर हम सही तरीके से इसे देखें, तो हमें अपने आप को शांत रखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। 🤝

मेरी राय में यह भी सच है कि जिम ट्रेनर, या फिर कोई भी व्यक्ति, अगर वो गलती कर रहा था, तो उन्हें माफ करना चाहिए और आगे चलना चाहिए। लेकिन अगर उनके पास गुनहगार नहीं है, तो हमें उन्हें साथ देना चाहिए। 🤝

हमारी समाज को बदलने के लिए, हमें अपने आप को सकारात्मक करना चाहिए और सभी के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। यह ही हमारी जिंदगी की सच्चाई है। 🙏
 
जानवरों जैसे इंसान भी होते हैं 🐯😕, यह तो बिल्कुल सही है। लेकिन मुझे लगता है कि दीपक कुमार की कहानी कुछ और भी गहराई रखती है। शायद वह वीडियो जिसने वायरल हुआ था, उसमें कुछ और बताया गया होगा। अगर सच्चाई सामने आती है तो दीपक कुमार को जरूर माफ कर देना चाहिए। लेकिन अगर उन्होंने गलत काम किया है तो वह भी फिर से सीख सकता है। 🤝💪
 
दीपक कुमार की बात सुनते हुए मुझे यही लगता है कि ये एक बड़ा मुद्दा है। उनके परिवार को जिम ट्रेनर बनना नहीं बंद कर पाना ही चाहिए। अगर वो अपनी नौकरी से खुद को छूटना चाहते हैं तो फिर वो किसी और तरह से रिकवरी करने की कोशिश करें। लेकिन यह जरूरी नहीं कि उनके परिवार को इतनी देखभाल करनी पड़े।

कुछ दोस्तों ने बताया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करना खतरनाक हो सकता है। लेकिन अगर किसी से भिड़ने की जरूरत है तो फिर वो भी ऐसा ही करें।

कोटद्वार में रहने वालों को यह सोचकर गहरी चिंता होनी चाहिए। ये एक बड़ा मुद्दा है। अगर ये देखभाल नहीं की जाती तो फिर देश कैसा होगा।
 
क्या सचमुच बजरंग दल जैसे लोगों को इतनी तेजी से डरने की आदत है? दीपक कुमार ने क्या गलत किया था? वह वीडियो देखकर भी मुझे लगता है कि बजरंग दल के लोगों ने पहले तो उस दुकानदार से कहीं और परेशानी की।
 
अरे, यह घटना तो बहुत ही गंभीर है। दीपक कुमार को इतना डर लग रहा है कि बेटी लKG में पढ़ने के लिए नहीं जा पा रही, तो भी वो कुछ गलत नहीं कर रहे हैं 🤔। इसके बाद वीडियो वायरल हुआ, तो सब लोग उन पर डर गए। लेकिन क्या सचमुच वो उनके खिलाफ मामला दर्ज करने जा रहे हैं? यह अच्छी बात नहीं है 🙅‍♂️

मुझे लगता है कि दीपक कुमार को पुलिस से संपर्क करना चाहिए, तो वो उनकी बात मान लेंगे। इससे सब कुछ ठीक हो जाएगा। और अगर बजरंग दल ने पहले से ही मामला दर्ज कर दिया है, तो फिर भी उन्हें अपनी गलती माननी चाहिए 🙏
 
Back
Top