अरे, देखो हमारा भारतीय डिजिटल विश्व कैसा बन रहा है!
भारत और यूरोप के बीच फ्रीक्वेंसी एक्सचेंज शुरू होने पर मुझे खुशी हुई, लेकिन जब मैंने पता किया तो मेरा मन हुआ डिसपॉइंटेड। यह सोचते हुए कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था अभी भी बहुत ज्यादा परिचालन में है, तो हम अपने पैसों को यूरोप में निकाल लेते हैं? 
मुझे लगता है हमें अपने घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। अगर हम अपने व्यवसाय और उद्योग पर ध्यान देते हैं तो हमारे पैसों को घर पर रख सकते हैं। और फिर भी हमारे देश में बहुत सारे अवसर हैं जिन्हें हम खोजने की जरूरत नहीं है।
मुझे लगता है हमें अपने घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। अगर हम अपने व्यवसाय और उद्योग पर ध्यान देते हैं तो हमारे पैसों को घर पर रख सकते हैं। और फिर भी हमारे देश में बहुत सारे अवसर हैं जिन्हें हम खोजने की जरूरत नहीं है।