ब्लैकबोर्ड-‘एक्स्ट्रा सर्विस’ न देने पर मारी गई थी अंकिता भंडारी: मां-बाप ने खुद को घर में बंद किया; न कमा रहे, न राशन खरीद पा रहे

उत्तराखंड में एक युवती की हत्या हो गई है। इस घटना के बाद उसके परिवार ने कहा है कि सरकार उनके खिलाफ गुमराह करने की कोशिश कर रही है, इसलिए वे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रहे हैं।
 
मुझे बहुत दुख हुआ जब मैंने इस खबर सुनी... 😔 उत्तराखंड में एक युवती की हत्या हो गई, यह तो जरूर एक बहुत बड़ा झटका है। लेकिन अगर हम इस पर विचार करते हैं, तो मुझे लगता है कि यह भी एक अच्छा अवसर हो सकता है कि हमें अपने समाज में बदलाव लाने का मौका मिल जाए। अगर सरकार और पुलिस ने इस हत्या में शामिल लोगों को पकड़ लिया होता, तो यह घटना कभी नहीं हुआ होता। लेकिन फिर भी, हमें अपने समाज में बदलाव लाने के लिए लगातार काम करना होगा। मुझे लगता है कि अगर हम अपने समाज में सामाजिक न्याय और equality की बात करें, तो शायद हमारे समाज में अच्छाई की जीत हो सकती है। 🌟
 
अरे, ये तो ऐसा ही लगता है जैसे सरकार खुद को पकड़ने की कोशिश कर रही है। हत्या हुई, और फिर वाह, परिवार ने सरकार को दोषी ठहराया। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका है अपने संवाददाताओं को काम से खाली करने की।

मैंने देखा है कि कई बार ऐसा होता है जब हत्या हुई, तो सब कुछ सरकार की गड़बड़ी पर चलने लगता है। लेकिन कोई भी घटना होने से पहले, जिंदगी में बहुत सारे दिलचस्प बातें होती हैं।

अब, जब परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कराई है, तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा तरीका है। ज़रूर, यह देखकर रोचक होगा कि क्या सरकार वास्तव में उनकी बात सुनेगी।
 
ये तो बहुत दुखद बात है 🤕 उत्तराखंड में ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं और सरकार को इनसे निपटने का तरीका पता नहीं चलता। परिवार की बात समझना जरूरी है, उनकी चिंताएं सुननी चाहिए और उनके लिए कुछ करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले, सरकार को यह समझने की जरूरत है कि परिवार किस काम की ज़रूरत है, उनकी मदद कैसे कर सकते हैं।
 
मुझे यह घटना बहुत दुखद लगी, तो भी ऐसा लगता है कि पुलिस ने हत्यारे को पकड़ने में फेल हुई। मैं समझता हूँ कि परिवार अपने रिश्तेदार की मौत के लिए बदला लेना चाहते हैं, लेकिन हमें सोचते रहना चाहिए। मैंने देखा है कि ऐसी घटनाओं के बाद कई बार आरोपियों को फांसी दी जाती है, इससे बचने के लिए कुछ लोग तो अपने खिलाफ याचिकाएं दाखिल कर लेते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमें आरोपियों को फांसी देने से पहले उनके खिलाफ सिद्ध प्रमाण इकट्ठा करना चाहिए। जी हाँ, मैं तो अपने पड़ोसी की बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे इकट्ठा करता हूँ, वह भी इतनी बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए नहीं बल्कि खेलों में हार जाती है।
 
अगर तो उन्हें लगता है कि हम सब बात समझ नहीं पा रहे हैं तो ठीक है। लेकिन जब एक युवती की हत्या हो जाती है और उसके परिवार ने सरकार से मदद मांगनी है तो क्यों हम इतने सवाल उठाने लगते हैं? देखिए, यह तो एक व्यक्ति की पीड़ा है, एक परिवार की दर्दहीनता है। अगर सरकार उनकी मदद नहीं कर सकती है तो फिर क्या करेंगे हम? मुझे लगता है कि यहाँ सबसे ज़रूरत है कि हम सब इस बात पर एक साथ रहकर विचार करें और देखें कि सरकार क्या कर सकती है। 🤔👍
 
मैं तो यह बात नहीं समझ सकती कि सरकार इतनी निडर होती है... एक युवती की हत्या हुई तो तुरंत कोई जवाब मिलना चाहिए, लेकिन यहाँ कुछ और ही हुआ है। पुलिस वाले शायद ज्यादा देर तक बात नहीं करते हैं और जल्दी से चारा भर देते हैं।

मुझे लगता है कि सरकार में इतने लोग मौजूद होने की वजह से सभी मिलकर तो इस तरह की घटनाओं को रोकने की कोशिश कर सकते थे। यहाँ पर ज्यादातर समय ऐसी घटनाएँ होती हैं जहाँ पुलिस वाला खुद भी नहीं पता करता कि कुछ ऐसा हुआ है या नहीं।
 
अगर तो स्थानीय पुलिस ने भी पहले ही मामला हल कर लेना चाहिए, फिर क्यों सरकार पर सख्ती करने की जरूरत है? यह तो एक सामान्य घटना है, जैसे कई अन्य युवतियाँ भी ऐसा ही होती हैं... 🤔

मुझे लगता है कि मामले की जांच में थोड़ी रुकावट पैदा करने से उन्हें अच्छा फायदा होगा। अगर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लेते हैं तो यह एक बड़ा मुद्दा बन जाएगा, और सच्चाई खुलकर सामने आ सकती है। शायद मामले की जांच में थोड़ी धुंध पैदा करना अच्छा होगा।
 
यह बहुत दुखद बात है… क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। हत्या की जांच करने वाले अधिकारियों से पता चलने पर यह एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध मामला लगता है। अगर ऐसा है तो यह बहुत गंभीर हो सकता है।

अगर यह सच है कि परिवार सरकार के खिलाफ गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं तो उनकी बात सही नहीं है। हत्या के पीड़ित परिवार के लिए सबसे ज्यादा चिंता यही कुछ है और उन्हें जरूरी मदद और सुरक्षा मिले। सरकार के लिए यह भी जरूरी है कि वे जांच को प्रभावी ढंग से चलाएं ताकि सच्चाई निकल सके।
मुझे लगता है कि सभी पार्टियों और समाज में एकजुटता बनाए रखनी जरूरी है।
 
🤔 उत्तराखंड में यह घटना बहुत ही दर्दनाक है। मेरी राय में यह ऐसी जगह नहीं होनी चाहिए जो ऐसी घटनाएं घटाने के लिए प्रेरित करे। सरकार से उम्मीद है कि वे इस तरह की घटनाओं का समाधान निकालेंगे और ऐसे मामलों में तेज़ गति से कार्रवाई करें। यह याचिका दाखिल करने की बात पर मेरी राय है कि अगर व्यक्तिगत मामले में सरकार को पकड़ा जाए तो यह अच्छा नहीं होगा।
 
इस तरह की घटनाएं हमेशा आ जाती हैं जब लोगों को खेद करना पड़ता है। युवती के परिवार की बात सुनने के बाद मुझे लगता है कि सरकार को इस मामले में थोड़ी गंभीरता से देखनी चाहिए। क्योंकि पुलिस ने पहले से ही आरोपी को छोड़ दिया था, तो यह तो बहुत अजीब लग रहा है। सरकार को जरूर जांच करानी चाहिए और अगर आरोपी को जमानत मिल गई, तो उसकी बारी भी होनी चाहिए। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का फैसला किया, लेकिन मुझे लगता है कि अगर पुलिस ने पहले से अच्छी तरह जांच की, तो यह जरूरी नहीं था। 😕
 
Back
Top