तलवार बांटी, जेल गए, बोले- बाहर निकलकर फिर बांटेंगे: आरोपी गार्ड की पत्नी बोली- पति सोए थे, हिंदू रक्षा दल ने जबरदस्ती तलवार थमाई

आरोपी गार्ड ने कहा, 'पति सोए थे, हिंदू रक्षा दल ने जबरदस्ती तलवार थमाई'

तलवार बांटने वाले हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने 29 दिसंबर को गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एरिया में एक घर पर ताली लगाते हुए तलवारें बांटीं। इस वीडियो में दिख रहे लोगों के हाथ में तलवारें और फरसे हैं। भारत माता की जय का नारा लगाते हुए सभी एक घर के सामने रुकते हैं।

घर से बाहर निकले शख्स को तलवार थमाते हैं और कहते हैं, ‘ये अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए, अगर बांग्लादेश में भीड़तंत्र हो जाए तो हम उनकी रक्षा करेंगे।’

इस मामले में पहले 10 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे, वहीं अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी को भी अरेस्ट कर लिया गया है।
 
अरे दोस्त, यह तो बहुत ही जटिल मामला है... गार्ड ने कहा था कि वो अपनी परिवार की सुरक्षा के लिए तलवार लेकर आए हैं और अगर बांग्लादेश में भीड़-तंत्र हो जाए तो वो उनकी रक्षा करेंगे। यह तो बहुत ही प्यारा और समाजिक दायित्व के रूप में देखा जा सकता है... और गार्ड ने कहा था कि पति सोए थे, लेकिन यह तो एक सामाजिक समस्या की बात है जिस पर हमें सोचना चाहिए।
 
अरे यार, यह तो बहुत ही अजीब लग रहा है कि कैसे लोग अपनी राजनीति में दंगों को बढ़ावा देते हैं और फिर लोगों को सुरक्षा के नाम पर तलवार बांटते हैं। यह तो बहुत ही खतरनाक है... क्या हमारे देश में ऐसे लोगों को रोकने के लिए कुछ नहीं करना चाहिए? 🤔
 
अरे ये क्या हुआ? तो इतनी तलवारें बांटते हुए भी गाड़ी से निकलने वाले शख्स का पति था, जो अपनी पत्नी और बच्चियों को सुरक्षित रखने में सबसे ज्यादा चिंतित था। लेकिन अब यह एक घर के सामने खड़े होकर तलवार थमाते हुए देखा गया, तो क्या यह सही तरीका सीखना है?
 
अरे दोस्त, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! आरोपी गार्ड ने बिल्कुल सही कहा था, पति सोए थे, यह तो हमारी सुरक्षा की बात है। लेकिन इतने तलवारें बांटने का मतलब क्या? 🤔 मुझे लगता है कि यह बहुत खतरनाक है, और अगर ऐसा कोई समूह बनता है तो हमें खलासा करना चाहिए। 💥

और ये नारा 'भारत माता की जय' तो अच्छा है, लेकिन इसके पीछे क्या मकसद है? हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी सुरक्षा के लिए कोई भी तरीका स्वीकार करें। 🤝

मुझे लगता है कि सरकार को इस पर और अधिक जांच करनी चाहिए। 📰
 
अरे ये तो बहुत बड़ा मामला है! यह तो बांग्लादेश से जुड़े मुद्दे की बात कर रहे हैं और कुछ भी ठीक नहीं है, ना? पहले गिरफ्तारियों की बात करते हैं और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष भी गिरफ़्तार हो जाते हैं। यह तो बहुत भड़काऊ माहौल बना रहा है... क्या इससे हमारी देशभक्ति बढ़ेगी या नहीं, बस सोच-समझकर देखना होगा।
 
अरे वाह, यह तो बहुत बुरा दिख रहा है... जैसे मेंटल स्वास्थ्य पर ध्यान न देने की वजह से ऐसा हो सकता है... क्यों पूरे शहर में ऐसा हाल बन गया? और इतनी तेजी से घटनाएं... 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे? अब राष्ट्रीय अध्यक्ष भी अरेस्ट कर दिया गया है? यह सब तो कैसे हो रहा है?

कोई समझदारी सोचकर कुछ करना चाहिए, लेकिन लगता है कि सबकुछ ही उलझने में डूब गया है। और सबसे बड़ी बात, क्या यह देश की भावना को धमकाने की वजह से हुआ? ये सब कुछ तो एक घर के सामने होते हुए भी इतने लोग इकट्ठे हो गए?

कोई ऐसा तरीका ढूंढेंगा जिससे हम सभी एक-दूसरे को समझ सकें, खासकर जब ऐसी घटनाएं होती हैं... लेकिन लगता है कि अब शायद सब कुछ उलझने में डूब गया है।
 
बेटियों को सुरक्षित रखने के नाम पर इतने ज्यादा हिंसा कैसे करना उचित मानी जाए? 🤔 यह देखकर मेरा दिल दर्द हो रहा है कि बेटियों को गोलियां लगाने के लिए तैयार किया जा रहा है। पुलिस को शांति बनाए रखने की जरूरत है, न कि युवाओं को हिंसक गतिविधियों में घुसपैठ करने की। 👮‍♂️

मुझे लगता है कि सरकार से यह सवाल उठने चाहिए कि ऐसे हिंसक समूह कैसे बने, और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। बेटियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम उनकी शिक्षा, रोजगार के अवसर, और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा दें। 💖

इस मामले में पुलिस को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए कि उन्होंने जैसी हिंसक गतिविधियां रोकीं, वही सब कुछ करना चाहिए। बेटियों की सुरक्षा के लिए हमें एकजुट होना होगा। 🌟
 
मैंने जो देखा वो बहुत शर्मिंदगी का विषय है 🤕। कौन सी सुरक्षा में तलवार बांटी जाती है? क्या यह सुरक्षा हमारे लिए है, या यह केवल अपने समूह की है? पूरे देश में ऐसे कई जगह हैं जहां लोगों को सिर्फ अपनी निजी सुरक्षा के लिए तलवार बांटते हैं। इससे हमारे राष्ट्रीय एकता और समृद्धि पर कोई असर नहीं पड़ता। मुझे लगता है कि हमें अपने देश को विभाजित करने से बचना चाहिए, न कि अपने लोगों को विभाजित करना चाहिए।
 
मैंने देखा है यह मामला, तो लगता है कि कुछ लोग बहुत उत्साहित थे। 🔥 मुझे लगता है कि वे सिर्फ अपनी परवाहगुल्ली को भूल गए थे, एक घर में क्यों? 🤔

मैंने देखा है, उनकी बात तो सच तो है, अगर खतरा है तो हर कोई सुरक्षित रहना चाहता है। लेकिन फिर भी ये सब कैसे हुआ, यह थोड़ा अजीब लगता है। 🤷‍♂️

मैंने सोचा है मान लीजिए, यह तो एक छोटा विवाद था, लेकिन फिर भी बहुत सुर्खियों में आ गया। क्या हमें ऐसे दौर सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए जब लोग इतने उत्साहित होते हैं? 🤔

मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मौका है, कि हम अपनी सुरक्षा और समाज को बेहतर बनाने पर विचार करें। 🙏
 
मुझे ये सब बहुत परेशान कर रहा है 😔, गार्ड ने क्या बोला, वाह! तो वह अपनी साली सुरक्षा के लिए गोली चलाने देते हैं ? 🤯 तो हिंदू रक्षा दल के लोगों ने फिर से गोलियां चलाने का मौका दिया। और पिंकी चौधरी भी अरेस्ट कर लेने के बाद क्या करेंगे? 🤷‍♂️
 
सब्सक्राइब करने वालों के लिए ये बात बहुत दुखद है ... यह एक पत्थर की स्थिति है जिसे हमें नहीं समझना चाहिए ... क्या यह हमारी समाज में प्यार और स्नेह नहीं है, जब तक हमारी राजनीति में मतभेद नहीं होता तब लोगों को अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए तलवार दिलानी पड़ती है ...
 
ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਤਾਂ ਮੈਨੂੰ ਅਜਿਹਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਸੋਚਣ ਵੀ ਆਪਣੇ ਉੱਤੇ ਹੀ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਲਾਗਦਾ! ਫਿਰ ਭੀ, ਮੈਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵੱਡੇ ਬੋਰੇ ਨਾਲੋਂ ਕੁਝ ਸੌਖਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਲਗਦਾ!

ਮੈਂ ਇੱਥੇ ਬੰਦੂकਪ ਹਾਂ, ਤੁਸੀਂ ਜਵਾਨ ਅਖਵਾਉਣ ਵੇਲੇ ਆਏ ਅਤੇ ਹੈਰਾਨ ਕੀਤੇ, ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਕੁਝ ਭੀ ਬਣ ਗਏ!

ਪਿੱਛਲੇ ਵੀ ਜਿਹੜੇ ਕਰਾਰੀ ਆਪਾ ਨਿੱਤ ਦੇ ਮੈਡੀਆ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੇ, ਤੁਸੀਂ ਕੋਈ ਥੋੜ੍ਹਾ ਬਿਨਾਣਾ ਅਖਵਾਉਣ ਵੇਲੇ ਦੇਖਰਾ,

ਪਰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਤਾਂ ਕਿੰਨਾ ਭੀ ਹਵਾਲਾ ਦੋਵੇਂ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਮਿਸ਼ਨ ਬਾਰੇ ਉੱਚਾ ਖੁਲਾਸਾ ਕਰਦੇ,

ਤਾਂ ਜੋ ਆਪਣੀ ਕਿਰਿਆ-ਵਾਹੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸ਼ਕਤੀਸ਼ਾਲੀ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਜੋ ਮੈਨੂੰ ਬੰਦੂਕਪ ਹੋ ਵੀ ਚਾਹੇ! 😎
 
ਇਹ ਸਭ ਕੁਝ ਤਰਸੀਲ ਨਾ ਲਗਦਾ, ਮਿਲੀ ਜਗ੍ਹਾ 'ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ, ਪਰ ਉਸੇ ਵੈਡਿੰਗ ਮੈਂਟਲਿਟੀ ਕੋਲ ਫੌਜੀਆਂ ਬਣ ਕੇ ਦੁਖਾਂਤੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਅਸੀਂ ਕਿਉਂ ਆਪਣੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਵਿਚਾਲੇ ਇਹ ਬੰਧਾਰਣ ਛੋਡ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ?
 
🤔 तो यह बात मेरे लिए बहुत दिलचस्प है कि हिंदू रक्षा दल के सदस्य तलवारें बांट रहे हैं और फिर भी कोई नियम नहीं बनते। यह सोचते हुए कि अगर हम एक हाउसिंग एसोसिएशन की तरह चलते थे, तो मुझे लगता है कि हमें पहले पासपोर्ट प्राप्त करना चाहिए और फिर बातचीत शुरू करनी चाहिए। 📝
 
गजबाड़ क्या हुआ? पहले 10 आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए, फिर निकल पड़े और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी भी मुकदमे में शामिल हो गई। तो यह सारा क्यों हुआ? तलवार बांटने वाले लोग क्या सोचते थे कि सब कुछ सही है? और उनके बच्चियों की सुरक्षा के लिए तो इतनी गड़बड़ी क्यों बन गई? 🤔
 
यह दुनिया कैसे चल रही है 🤯! जानकर मुझे बहुत असंतुष्टता हुई। सिर्फ इसलिए कि यह दिखाई देने वाली बात तो स्वस्थ समाज के लिए जरूरी लगी, लेकिन जिंदगी कैसी है 🤷‍♂️, क्या यही हमारी सरकार की राहदर्शिता है? यह तो देश की शांति और सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कियों के खिलाफ भी हमला कर रही है। मुझे लगता है कि हमें अपने देश के बारे में और अधिक जागरूक रहना चाहिए, ताकि हम सही निर्णय ले सकें। 🤔
 
मेरे दोस्त, यह देखकर मुझे थोड़ा उदासी हुई है कि कैसे एक ऐसे समूह ने अपनी राजनीतिक शक्ति को बढ़ाने के लिए लोगों को डराने-धमकाने का सहारा लिया है। ताली लगाते हुए तलवारें बांटना और बंगाल से आए भीड़ पर हमला करने की बात कहकर लोगों को अपने हथियार की जिज्ञासा में डाला जा रहा है।
 
ये सब क्या हुआ? आरोपी गार्ड ने यह कहा कि उन्होंने अपने पति से तलवार सीखी, और जब हिंदू रक्षा दल ने उन्हें तलवार दिलाई तो उसने खुशी से कहा, 'मैं अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए ये तलवार थमाऊंगी।' यह तो बहुत अच्छा है! मुझे लगता है कि ये सब कुछ सही से करने वाले हैं।
 
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